शनिवार, 12 सितंबर 2009

पहेली - 6 सही उत्तर- रामप्यारी- रामप्यारीजी से एक्सक्लुजीव बातचीत

पहेली-6 के विजेता
 घणी-घणी बधाई
पहेली 6- सबसे पहले आकर सही उत्तर दिया सीमा गुप्ता जी ने, उसके बाद डा० अमर कुमारजी, फ़िर स्वय मिस. रामप्यारी उपस्थित हुई, रजनिशजी परिहार, हिमांशुजी और अन्तिम आऎ समीरजी आप सभी ने उत्तर मे रामप्यारी नाम बताकर अपने विजेता बनने का हक प्राप्त किया. आप सभी को घणी-घणी बधाई.
सीमाजी गुप्ता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया सलेक्शन कलेक्शन की और से बधाई.
 द्वितिय स्थान पर रहे डा.अमरकुमारजी सलेक्शन कलेक्शन की और से बधाई.
  संजयजी  तिवारी ’संजू’अविनाशजी  वाचस्पति ,क्म्पेर्शदजी ,ने ब्लोग परा पधार कर उत्साह बढाया



अब परिचय:-रामप्यारीजी का

रामप्यारीजी- नमस्कार.
रामप्यारीजी -"  हाय गुड मोर्निंग एवरी बडीआई एम राम..की प्यारीरामप्यारी.
पर लगता है कि आज मेरा माथा खराब है. मैं बिना फ़ालतू मे आपको क्यूं परणाम कर रही हूं? जबकि ताऊ कहता है कि बिना मतलब किसी को प्रणाम करना तो दूर उसकी नमस्ते के जवाब मे गर्दन भी मत हिलाओ.
तो मेरी प्रणाम मैं वापस लेती हूं. नही तो ताऊ मुझे बिना मतलब डांटेगा कि इतनी महंगी नमस्ते खराब करदी? तो मैं क्या जवाब दूंगी? सच मे यह सोचने वाली बात है.
 रामप्यारी से सवाल- " आपका इस क्षैत्र मे आने का कारण एवम कब आई ?
उत्तर-" सैमभैया और बीनू फ़िरंगी दिनो जने  चुनावी टिकट मिल जाने से ताऊ से कलटी मार दी! ताई ने ताऊ से कहा- यह रामप्यारी घर पर बैठी-बैठी मोटी हो रही है "ना काम की ना धाम की दुश्मन अनाज की," सो तुम्हारे सैम और बीनू की जगह इससे काम करवाओ। बस  February 28, 2009 को ताऊ का घन्घा सम्भाला- आज मै सफल बिजनेसप्यारी हू। ताऊ के दो दो ब्लोग सभालती हू। स्कुल चलाती हू। ताऊ की शोले फिल्म को डायरेक्ट कर रही हू, बिल्कुल टाईम नही है मुझे। समझो जहॉ रामप्यारी खडी है लाईन वहॉ से ही शुरु होती है।
रामप्यारी से सवाल- "अपना खुद का ब्लोग कब शुरु किया?"
उत्तर- "Saturday, March 7, 2009"
रामप्यारी से सवाल- "इसकी जरुरत क्यो पडी ?"
उत्तर- "अगर कभी ताऊ ने तीन पांच की तो यहां लिखूंगी.फ़ि्लहाल तो आप मेरी पोस्ट ताऊ के ब्लाग पर ही पढे."
रामप्यारी से सवाल- "रामप्यारी ये ड्रेस कहां से ले आई? तुम पर जस रही है."
उत्तर- "मैं आपको ये क्युं बताऊं की ये ड्रेस मेरे लिये पहनने के लिये स्पेशियली समीर अंकल ने भिजवाई थी. कैसी लगी यह ड्रेस? अच्छी है ना?"
प्रशन - "रामप्यारी सुना है तुमने भी सुन्दर दिखने के लिऎ प्लास्टीक सर्जरी कराई है ?"
उत्तर- "चलो आप अब इतना बोल ही रहे हैं तो बता ही देती हूं कि May 15, 2009 को ताई ने मेरी प्लास्टिक सर्जरी करवा दी है और अब मैं ज्यादा स्मार्ट और क्युट लगने लग गई हूं. और डाक्टर ने बोला कि रामप्यारी तेरी एक सर्जरी अगले साल और करेंगे फ़िर तो तू एकदम हिरोइन बन जायेगी."


रामप्यारी सुना है तुमे घुमने फ़िरने का खुब मजा आता है? और यह अग्रेजी भाषा तो तेरी मासाअल्ला!
उतर- "वो क्या है ना आजकल मैं इंगलिश मे अच्छी अंगरेजी बोल लेती हूं ना तो ताऊ हर जगह मुझे ही साथ ले जाता है. अब आपको तो मालूम है कि ताऊ को कोई अंगरेजी वंगरेजी तो आती नही है सो ताऊ को सब बातें मुझे ही समझानी पडती हैं. और इस बहाने मेरे को भी घूमने फ़िरने को मिल जाता है. अब मुझसे घर मे टिक कर तो बैठा नही जाता."
रामप्यारी जी पाठको के लिऍ कोई सन्देश देना चाहेगी।
आप लोग जब देखो रामप्यारी से उल्टी सीधी बाते कहलवाते रहते हो? ये कोई अच्छी बात नही है.अब मैं यहां आई तो थी आपकी पहेली की मेहमान बनकर, और आप लोगों ने मुझसे ताऊ के बारे मे पता नही क्या क्या बकबास करवा ली. अब मेरा नाम मत लेना.
नाऊ लिसन माई मेसेज-"आंटियों,  अंकलों  और दीदीयों  आप सबको रामप्यारी की नमस्ते. अब सोचती हूं कि कौन सी बात आपको बताऊं और कौन सी छोड दूं?  दुनिया भर की बाते हैं. पर मुझे ज्यादा बोलने की आदत तो है नही और ना ही ताऊ की तरह लतियल ब्लागिंग की आदत लगी है कि बेफ़ालतू बक बक करती फ़िरूं?  चुपचाप सबेरे सबरे उठने का और सभी पहेलियो वाले ब्लोग पर जाकर दिमाग की कसरत करने का। तभी तुम्हारा सभी का दिमाग रामप्यारी यानी मुझ जैसा इन्टेलिजेन्ट एण्ड स्मूथ रन होगा।"
रामप्यारी जी आपका धन्यवाद। जो आप अपना कीमती समय निकाल कर क्लेकशन सलेक्सन के कार्यालय पधारी। यह आपके लिऍ हमारी तरफ से गिफ्ट हेम्पर!
रामप्यारी- क्या है इसमे ?
इसमे चाकलेट है जो राज भाटीयाजी ने विदेश से भेजी है।
थैक्यू थैन्क्यू!!!
रामप्यारी की विभिन्न मुद्राओ मे चित्र देखे
 नोट रामप्यारी से बातचीत के अंश एवम फोटू ताऊ की पत्रिका से लिए गए है आभार

7 टिप्पणियाँ:

वाणी गीत ने कहा…

रामप्यारी जी से मुलाकात रोचक रही..अब उनकी तरह इंग्लिश तो जानते नहीं है वर्ना गुड मोर्निंग बोल देते..शुभ प्रातः तो रामप्यारी जी स्वीकार कर ही लेंगी ..!!

12 सितंबर 2009 को 5:50 am
अविनाश वाचस्पति ने कहा…

और एक राज की बात बतला रहा हूं कि प्‍लास्टिक सर्जरी में जो प्‍लास्टिक लगाई गई थी वो रामप्‍यारी खुद ही खरीद कर ले गई थीं क्‍योंकि किफायत का मामला है .........

12 सितंबर 2009 को 5:52 am
अविनाश वाचस्पति ने कहा…

और सर्व सनातन विजेता सीमा गुप्‍ता जी को बधाई देना तो भूल ही गया। वैसे मैं सोच रहा था कि वे 12 सितम्‍बर 2009 को मॉडर्न स्‍कूल, सेक्‍टर 17, पुराना फरीदाबाद में सुबह साढ़े दस बजे आयोजित होने वाले साहित्‍य शिल्‍पी वार्षिकोत्‍सव और नुक्‍कड़ के ब्‍लॉगर्स स्‍नेह महासम्‍मेलन में शिरकत करेंगी ही तो वहीं पर पर्सनली बधाई दूंगा। पर अब यहां पर दे रहा हूं बधाई तो वहां पर मंगलकामनायें दूंगा।

12 सितंबर 2009 को 5:54 am
Udan Tashtari ने कहा…

हा हा!! समीर अंकल की भेजी ड्रेस पहन कर रामप्यारी कितनी क्यूट हो गई है.

12 सितंबर 2009 को 7:43 am
seema gupta ने कहा…

सभी विजेताओ को बधाई......रामप्यारी की अलग अलग ड्रेस मे फोटो बेहद सुन्दर और लाजवाब हैं, जरा क्रप्या राम्पय्री मैडम से उनके ड्रेस डिजाइनर का पता पुछ कर बताइयेगा....हमारा तो दिल आ गया है उनकी ड्रेस और क्यूट फोटो पर.
regards

12 सितंबर 2009 को 8:35 am
ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अच्छा तो इब रामप्यारी ताऊ को कल्टी करण लाग री सै?:)

रामराम.

12 सितंबर 2009 को 1:51 pm
ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι ने कहा…

जब से दिलों की गलियों में ईमान बिकते हैं,हां तब से राहे-इश्क़ बियाबान लगते हैं।
ग़म से भरी है दास्तां मेरी जवानी की ,बज़ारे-इश्क़ मे सदा अरमान सड़ते हैं।
साहिल के घर का ज़ुल्म बहुत झेला है मैंने,मंझधार में ही सब्र को परवान चढते हैं।
दिल में नशा शराब का चढता नहीं कभी ,बस साक़ी के लिये ही गिरेबान फटते हैं।
हर काम पहले थोड़ा कठिन लगता है मगर,कोशिश करोगे दिल से तो आसान होते हैं।
ग़म के चराग़ों से मेरा रिश्ता पुराना है ,सुख के हवाओं में कहां इंसान बनते हैं ।
लबरेज़ है हवस से ,मुहब्बत का दरिया अब,बस चंद वक़्त के लिये तूफ़ान उठते हैं।
सैयाद जब से बुलबुलों को बेच आया शहर ,तब से दरख़्ते-शहर परेशान दिखते हैं।
इस मुल्क की विशेष पहचान है दुनिया में,हिन्दू के मंदिरों मे मुसलमान झुकते हैं।

10 जुलाई 2010 को 10:00 am

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